लॉकडाउन 3 में मूवमेंट को लेकर MHA ने जारी की नई गाइडलाइन, राज्य सरकारों को लिखी चिट्ठी, बताया ट्रेन और बस से कौन कर सकेंगे सफर?

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के कारण देशभर में 17 मई तक लॉकडाउन जारी है, लेकिन लॉकडाउन के तीसरे फेज में कुछ राहत दी गई है। वहीं प्रवासी मजदूरों, छात्रो, पयर्टकों, तीर्थयात्रियों को अपने गृह राज्यों तक पहुंचाने के लिए कुछ छूट दी गई है। लॉकडाउन 3 में मूवमेंट को लेकर MHA ने नई गाइडलाइंस जारी की है। गृह मंत्रालय ने रविवार को एक बार फिर से स्पष्ट किया है कि लॉकडाउन में किन लोगों को सफर करने की छूट है और किन लोगों को नहीं। बंद के दौरान कौन से लोग बसों और ट्रेनों से सफर कर सकेंगे और कौन नहीं। 

राज्यों को लिखी चिट्ठी

MHA ने रविवार को चिट्ठी लिखकर सभी राज्यों को एक बार फिर से स्पष्ट किया है कि लॉकडाउन के दौरान किसे सफर करने की छूट मिली है और किसे नहीं। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों और केन्द्र शासित राज्यों को पत्र लिखा है। इस पत्र के जरिए राज्य सरकारों को स्पष्ट किया गया है कि लॉकडाउन में केवल उन्हें ही मूवमेंट की इजाजत है, जो लोग लॉकडाउन की अवधि से ठीक पहले अपने मूल निवास या कार्यस्थलों से चले गए थे और लॉकडाउन के नियमों के चलते अपने मूल निवासों या कार्यस्थलों पर लौट नहीं पा रहे हैं।
 सिर्फ परेशान लोगों को मिली है छूट

सिर्फ परेशान लोगों को मिली है छूट

MHA द्वारा जारी किए गए इस पत्र में सरकारों को स्पष्ट कहा गया है कि लॉकडाउन में विशेष ट्रेनों और बसों से सिर्फ उन्हें ही सफर करने की छूट मिली है जो अपने होम टाउन नहीं पहुंच पाने के कारण परेशान हैं। आदेश में जो सुविधा दी गई है वह परेशान लोगों के लिए है, लेकिन ऐसे श्रेणी के लोग इसके दायरे में नहीं आते जो कामकाज के लिए अपने मूल स्थान से दूर हैं, लेकिन वे जहां हैं वहां ठीक से रह रहे हैं। उन लोगों को छूट नहीं है जो जिस तरह पर हैं वहां टीक है और अब अपने स्थान पर आना चाहते हैं।

जारी किए ये खास निर्देश

MHA ने मूवमेंट के लिए खास निर्देश जारी किए हैं। जिसके में कहा गया है कि राज्यों में केवल प्रवासी मजदूर, छात्र, तीर्थयात्री और पर्यटकों को आवाजाही की चूट दी गई है। उन लोगों को जाने- आने की छूट नहीं है जो अपने घरों में सामान्य जिंदगी जी रहे हैं। राज्यों में बसों में लोगों को ले जाने या ट्रेन के संचालन की जो इजाजत दी गई है, वह भी फंसे लोगों के लिए है। गृह मंत्रालय ने साफ कहा है कि सिर्फ बेहद जरूरतमंद लोगों को ही सफर करने की छूट मिले। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को भी पत्र लिखकर लॉकडाउन की गाइडलाइंस को लेकर जानकारी दी। सुरक्षा के दूसरे स्तर की तैयारी का निर्देश दिया । उन लोगों को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है जो कोरोना के संक्रमण से दूर हैं। MHA ने कहा है कि सुरक्षा के दूसरे स्तर में होम गार्ड्स, सिविल डिफेंस, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट व गाइड और स्टूडेंट पुलिस कैडेट को इसमें शामिल किया जा सकता है।