अब सीधे घर नहीं जा सकेंगे प्रवासी श्रमिक, 10 दिन के लिए हेल्थ सेंटर में होगा रहना.



                 अब सीधे घर नहीं जा सकेंगे प्रवासी श्रमिक, 10 दिन के लिए हेल्थ सेंटर में होगा रहना. 

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   कोरोना पॉजिटिव की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त और नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब किसी भी राज्य से आने वाले श्रमिकों को दस दिनों तक हेल्थ सेंटरों पर रखा जाएगा। इस बीच उसकी मेडिकल जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर प्रवासी मजदूर को होम क्वारंटाइन के लिए भेजा जाएगा। पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर दो दिन बाद फिर से जांच होगी। तब भी पॉजीटिव आने पर श्रमिक आइसोलेशन सेंटर भेजे जाएंगे।  जिलाधिकारी कुमार रवि ने कोषांगों के अधिकारियों के साथ बैठक में  हेल्थ सेंटर स्थापित कर क्रियाशील बनाने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया। इसके लिए शीघ्र भवन का चयन कर सूची तैयार करने को कहा गया। हेल्थ सेंटर सह स्क्रीनिंग सेंटर का उपयोग श्रमिकों की मेडिकल जांच के लिए किया जाना है।  पहले राज्य सरकार ने दिया था आदेश  राज्य सरकार ने 22 मई को सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि सूरत, अहमदाबाद, मुंबई, पुणे, दिल्ली, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम, नोएडा, कोलकाता और बेंगलुरु छोड़ दूसरे शहरों से आने वाले श्रमिकों को कोरोना के लक्षण नहीं पाए जाने पर होम क्वारंटाइन में भेज दिया जाए। इन शहरों से इतर दूसरे जगहों से पटना आ रहे श्रमिकों में भी कोरोना पॉजिटिव मामले मिलने के बाद जिला प्रशासन ने कम से कम दस दिन तक हेल्थ सेंटर में रखकर मेडिकल जांच की अनिवार्यता की है। अभी तक 1130 प्रवासी मजदूरों की जांच की गई है, जिसमें 75 पॉजिटिव पाए गए हैं। चिन्हित शहरों से आए 438 प्रवासी मजदूरों की जांच में 68 पॉजिटिव पाए गए हैं। दूसरे शहरों से आए 692 प्रवासी मजदूरों की जांच में 14 पॉजिटिव पाए गए हैं।



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